नई दिल्ली। हिन्दुस्तान टाइम्स, फरवरी 7 -- उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ कैबिनेट ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए नई आबकारी नीति को मंजूरी दी है। नीति में कई अहम बदलावों का प्रस्ताव दिया गया है, जिसमें 'संयुक्त शराब की दुकानें' शामिल हैं। इससे बीयर और विदेशी शराब की दुकानों को एक यूनिट में मर्ज कर दिया जाएगा (दोनों को अब तक अलग-अलग बेचा जाता था)। इसके अलावा राज्य में वाइनयार्ड और माइक्रोब्रूवरी की शुरुआत के जरिए पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इस नई नीति का दिल्ली-एनसीआर के लोगों को फायदा मिल सकता है। दिल्ली में नई शराब नीति 2021-22 को अगस्त 2022 में वापस ले लिया गया था, जिसके बाद राजधानी में शराब की दुकानों को दो साल से ज्यादा समय तक विकल्प और स्टॉक के संकट का सामना करना पड़ा। अब तक, दिल्ली में कस्टमर्स को पड़ोसी जिले गुरुग्राम से शराब खरीदने के...
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