नई दिल्ली, जनवरी 31 -- सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को वीआईपी दर्शन के लिए खास शुल्क लेने और मंदिरों में एक खास वर्ग के लोगों को तरजीह और विशेष सुविधाएं दिए जाने के खिलाफ जनहित याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया है। चीफ जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार की पीठ ने कहा है कि इस मुद्दे पर फैसला समाज और मंदिर प्रबंधन को करना चाहिए और कोर्ट इसमें कोई आदेश नहीं दे सकती है। बता दे कि बीते दिनों प्रयागराज महाकुंभ में हुई भगदड़ सहित कई मंदिरों में मची भगदड़ के लिए VIP दर्शन की व्यवस्था को जिम्मेदार बताया गया है। इन हादसों में कई लोगों की जानें भी गई हैं। चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा, "हमारी राय यह हो सकती है कि मंदिरों में इस तरह कोई खास सुविधाएं नहीं दी जानी चाहिए, लेकिन अदालत यह निर्देश नहीं दे सकती। हमें नहीं लगता ...
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