नई दिल्ली, नवम्बर 6 -- केरल हाई कोर्ट ने हाल ही में एक आदेश पारित किया है, जिसमें उसने बताया कि कौन-कौन अपने नाम के आगे डॉ. (डॉक्टर) नहीं लगा सकता है। कोर्ट ने फिजियोथेरेपिस्ट और ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट, जिनकेपास मान्यता प्राप्त मेडिकल क्वालिफिकेशन नहीं है, उनके द्वारा अपने नाम के आगे डॉ. नहीं लगाने का आदेश दिया। जस्टिस वीजी अरुण को बताया गया कि भारतीय चिकित्सा उपाधि अधिनियम, 1916 (प्रदर्श पी1) के प्रावधानों और फिजियोथेरेपी एवं ऑक्यूपेशनल थेरेपी के लिए योग्यता आधारित पाठ्यक्रम (प्रदर्श पी1(ए)) के प्रावधानों के बीच विरोधाभास है। 'लाइव लॉ' के अनुसार, कोर्ट ने यह भी बताया किया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा फिजियोथेरेपी के लिए योग्यता आधारित पाठ्यक्रम - अनुमोदित पाठ्यक्रम, 2025 में फिजियोथेरेपिस्ट के लिए 'डॉ.' के इस्तेमाल को हटा...
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