हरदोई, दिसम्बर 6 -- इस समय किसानों धान व गेहूं की फसल के लिए यूरिया खाद की जरूरत है तो समितियों पर खाद उपलब्ध नहीं है। महंगे दामों पर किसान दुकानों से खरीद कर फसलों में डाल रहा है। कस्बे सहित ग्रामीण क्षेत्र में यूरिया खाद निर्धारित रेट से अधिक पर बिक्री की जा रही है। कालाबाजारी के चलते किसानों की जेब पर खासा असर पड़ रहा है। किसानों की माने तो सरकारी समितियों पर जरूरत के हिसाब से खाद नही मिल पा रही है और निजी दुकानों पर निर्धारित मूल्य से अधिक पर खरीदनी पड़ रही है। समितियों में किसानों को चक्कर कटवाए जा रहे हैं। सुबह से ही समितियों में लग रही किसानों की लाइन हालात को खुद बयां कर रही है। किसान संगठनों ने खाद वितरण में मनमानी के विरोध में नाराजगी जताई है। भाकियू भारत ने आंदोलन करने की चेतावनी दी। सही तरीके से लाइन तक नहीं लग रही मल्लावां। किस...