लखनऊ, जनवरी 10 -- यूपी में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया में अब 2.50 करोड़ और लोगों को नोटिस देने की तैयारी की जा रही है। यह वह लोग हैं, जिन्होंने वर्ष 2003 की वोटर लिस्ट से अपनी मैपिंग के लिए किसी और को अपना पिता दिखा दिया। यही नहीं कई लोगों ने गणना प्रपत्र पर संबंध पिता का बताया है लेकिन नाम माता का लिख दिया है। सॉफ्टवेयर से पकड़े गए इस त्रुटिपूर्ण डाटा को ठीक करने को नोटिस भेजने का निर्णय लिया है। प्रदेश में 27 अक्तूबर को फ्रीज की गई मतदाता सूची से वर्ष 2003 की मतदाता सूची की मैपिंग में बड़ी संख्या में पिता की जगह दूसरे के नाम मिले हैं। यही नहीं माता-पिता, बाबा- दादी और नाना- नानी की उम्र बेटा- बेटी और नाती- नातिन की उम्र में असामान्य अंतर सामने आया है। अधूरे नाम, नाम की स्पेलिंग में अंतर के भी कई मामले सामने...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.