नई दिल्ली, सितम्बर 22 -- उत्तर प्रदेश में पुलिस की एफआईआर, अरेस्ट मेमो, वारंट या किसी भी दस्तावेज पर अब जाति नहीं लिखी जाएगी। हाईकोर्ट के इस बाबत आदेश के बाद योगी सरकार ने भी फैसला लागू कर दिया है। मुख्य सचिव की तरफ से इसका शासनादेश जारी करते हुए सभी अधिकारियों को कड़ाई से आदेश का पालन करने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट का आदेश आने के एक हफ्ते के अंदर ही योगी सरकार की तरफ से शासनादेश जारी करने को जातिगत भेदभाव को खत्म करने के लिए उठाए गए बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है। इसके साथ ही यूपी में अब जाति आधारित रैलियों और प्रदर्शनों पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। सोशल मीडिया पर ऐसी गतिविधियों की सख्त निगरानी की जाएगी और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। इलाहाबाद हाईकोर्ट के 16 सितंबर को अपने ऐतिहासिक फैसले में पुलिस दस्तावेजों...
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