लखनऊ, जनवरी 11 -- यूपी में मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत कुछ कोर्स कोऑर्डिनेटरों द्वारा फर्जी अभिलेखों के आधार पर नियुक्ति प्राप्त किए जाने के मामले सामने आने के बाद समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने भविष्य में ऐसी किसी भी अनियमितता को रोकने के उद्देश्य से समाज कल्याण विभाग में आउटसोर्सिंग से जुड़े मामलों में स्पष्ट शासनादेश जारी करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आउटसोर्सिंग के जरिए की जाने वाली सभी नियुक्तियां पूरी तरह निर्धारित नियमों, मानकों, प्रक्रियाओं व पारदर्शिता के अनुरूप हों। दस्तावेज और पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य-शासनादेश में यह साफ किया जाएगा कि आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्त सभी कार्मिकों के शैक्षिक और अन्य जरूरी दस्तावेजों की पूरी जांच अनिवार्य होगी। इसके साथ ही...
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