लखनऊ, जनवरी 6 -- उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद लगभग 18 प्रतिशत से ज्यादा वोटर के नाम कट गए हैं। मतदाता सूची से हटाए गए नामों की संख्या लगभग 2.89 करोड़ है। इस नजर से यूपी में एसआईआर बिहार से भी विकराल साबित हुआ। बिहार में जहां एसआईआर के बाद जारी किए गए ड्राफ्ट में 8 फीसदी ही नाम हटाए गए थे, वहीं यूपी में इनका प्रतिशत लगभग ढाई गुना है। यूपी में एसआईआर से पहले कुल मतदाताओं की संख्या 15.44 करोड़ थी। मंगलवार को राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) की ओर से जारी हुई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में मतदाताओं की संख्या घटकर 12.55 करोड़ रह गई है। चुनाव आयोग का दावा है कि जिन 2.89 करोड़ वोटर्स के नाम काटे गए हैं, उनमें सर्वाधिक 2.17 करोड़ मतदाता किसी दूसरी जगह पर शिफ्ट हो गए हैं या पलायन कर गए हैं। वहीं, 46.23 लाख मतदाता ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.