लखनऊ, नवम्बर 22 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता उत्तर प्रदेश में लगातार छठे साल भी बिजली की दरें नहीं बढ़ाई जाएंगी। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने शनिवार को बिजली की नई दरें जारी कर दी हैं। पावर कार्पोरेशन ने अलग-अलग श्रेणीवार तकरीबन 45 फीसदी बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव दाखिल किया था, जिसे टैरिफ ऑर्डर में आयोग ने औचित्यहीन पाया है। पिछली बार बिजली की दरें वित्तीय वर्ष 2019-20 में बढ़ी थीं। लगातार छठे साल दरों में इजाफा न करने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है। नया टैरिफ आदेश प्रकाशित किए जाने के सात दिनों बाद प्रभावी होगा। नियामक आयोग ने पाया है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में आपूर्ति के लिए 163,778.24 मिलियन यूनिट बिजली की जरूरत होगी। इसकी खरीद पर 1,10,993.33 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी। बिजली वितरण कंपनियों ने 164,592.49 मिलियन यूनिट बिजली खर...