नई दिल्ली, सितम्बर 30 -- यूपी में जातियों के सम्मेलनों पर लगी रोक के बाद अब राजनीतिक दल आयोजनों के लिए अलग-अलग रास्ता तलाश रहे हैं। सपा, बसपा और कांग्रेस जैसे राजनीतिक दल अपने वोटबैंक का आधार बढ़ाने के लिए अलग-अलग आयोजनों की रूपरेखा पहले ही तैयार कर चुके थे। जातीय सम्मेलनों पर प्रतिबंध का आदेश जारी होने के बाद अब आयोजनों का नाम बदल कार्यक्रम करने का प्लान बनाया है। वहीं छोटे दलों की उलझनें बरकरार हैं। समाजवादी पार्टी अलग-अलग समाज को जोड़ने की योजना के तहत जातियों के सम्मेलन करवाने की योजना बनाई थी। इन्हीं तमाम योजनाओं में से एक हिस्सा गुर्जर चौपाल लगवाने का था। जब से जातियों के सम्मेलन करवाने पर रोक लगाने के आदेश आए, उसके बाद से इन सम्मेलनों का नाम 'पीडीए' सम्मेलन कर दिया गया है। समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी इन चौपालों के आयो...
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