लखनऊ, जून 9 -- उत्तर प्रदेश में गांवों की तरह शहरों का भी भूमि रिकार्ड तैयार कराया जाएगा। केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए नक्शा पायलेट कार्यक्रम में प्रदेश के 10 निकायों को इसमें शामिल किया गया है। इससे भूमि का मालिकाना हक निर्धारण करने और संपत्तियों के हस्तांतरण में होने वाली धोखाधड़ी में रोक लगेगी। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के भूमि संसाधन विभाग के सचिव मनोज जोशी और राजस्व परिषद के अध्यक्ष अनिल कुमार ने सोमवार को संयुक्त रूप से बातचीत में ये जानकारियां दीं। केंद्रीय सचिव द्वारा उत्तर प्रदेश में डिजिटल इंडिया भूमि रिकार्ड माडर्नाइजेशन प्रोग्राम (डीआईएलआरएमपी) और शहरी क्षेत्रों के भूमि रिकार्ड तैयार करने संबंधी कार्यक्रम में तैयार कराए जा रहे 'नक्शा' की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्रों के भूमि रिकार्ड तैयार करने के लिए दे...
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