नई दिल्ली, फरवरी 23 -- 24 फरवरी से शुरू हो रही यूपी बोर्ड परीक्षा से पहले शिक्षा विभाग में बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। गोरखपुर में शासन के निर्देशों के बावजूद डिबार (प्रतिबंधित) शिक्षक की ड्यूटी लगाई गई थी, जिसे बाद में आनन-फानन में हटाया गया। इस गलती के कारण शिक्षा विभाग को डाटा खंगालने की प्रक्रिया तेज करनी पड़ी। बोर्ड परीक्षा में डिबार शिक्षकों की नियुक्ति पर रोक के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय ने पुन जांच शुरू की। इसी क्रम में गोरखपुर के जंगल कौड़िया स्थित अबू राम तुर्कवालिया विद्यालय में प्रधानाचार्य अशोक कुमार द्विवेदी की ड्यूटी केंद्र व्यवस्थापक के रूप में लगी थी, जबकि वे पहले ही डिबार किए जा चुके थे। मामला सामने आने के बाद तत्काल प्रभाव से उन्हें हटाकर विद्यालय के सहायक अध्यापक पन्नीलाल को 20 फरवरी को केंद्र व्यवस्थापक के र...
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