वाराणसी, फरवरी 7 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। यूपी बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी छोड़कर भागने वाले शिक्षक इस बार भी विभाग के लिए चुनौती बनेंगे। हर साल माध्यमिक शिक्षा विभाग को आकस्मिक रूप से परिषदीय विद्यालयों की मदद लेनी पड़ती है। इस साल कक्ष निरीक्षकों की कमी पूरी करने के लिए व्यवस्था में बदलाव भी किया गया है। साथ ही ड्यूटी करने वालों की मॉनीटरिंग की व्यवस्था भी सुदृढ़ की गई है। यूपी बोर्ड परीक्षा में हर वर्ष लगभग साढ़े चार हजार शिक्षकों की ड्यूटी कक्ष निरीक्षक के तौर पर लगाई जाती है। इस संख्या को पूरा करने के लिए राजकीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों के साथ ही वित्तविहीन विद्यालयों से भी शिक्षकों को चुना जाता है। हालांकि वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षक अक्सर ड्यूटी छोड़ देते हैं और परीक्षा के लिए बेसिक शिक्षा विभाग से मदद लेनी पड़ जाती है। ड...