बुलंदशहर, जनवरी 2 -- यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के लिए केंद्रों की अनंतिम सूची जारी हो गई है मगर इसमें जिले के एडेड सहायता प्राप्त स्कूलों ने बाजी मारी है, जबकि शासन की प्राथमिकता में शामिल राजकीय स्कूल मानक पूरे न होने के कारण पिछड़ गए हैं। जिले में बनाए गए कुल 109 केंद्रों में से सबसे अधिक 91 केंद्र एडेड स्कूलों को बनाया गया है। हैरानी की बात यह है कि जिले में 50 राजकीय स्कूल होने के बावजूद मात्र पांच स्कूल ही केंद्र बन सके हैं। यूपी बोर्ड ने इस बार निर्देश दिए थे कि पारदर्शिता और शुचिता बनाए रखने के लिए ज्यादा से ज्यादा राजकीय स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया जाए। लेकिन बोर्ड के कड़े मानकों की कसौटी पर जिले के 90 प्रतिशत राजकीय स्कूल फेल साबित हुए। जिले के 45 राजकीय स्कूलों में चहारदीवारी, फर्नीचर, सीसीटीवी कैमरों और...
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