ईश्वर सिंह, अप्रैल 15 -- उत्तर प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में 'एनईपी-2020' लागू होने के बाद परीक्षा पैटर्न पहेली बना हुआ है। सेमेस्टर सिस्टम लागू होने के बाद परीक्षाओं की लंबी अवधि भी बड़ी समस्या के रूप में उभरकर सामने आई है। इसे देखते हुए राज्य विश्वविद्यालयों के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने एक नीति बनाने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। इसके लिए दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (डीडीयू) कुलपति की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है। समिति को जल्द संस्तुतियां उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू होने से पहले पारंपरिक विधा के विश्वविद्यालयों में ज्यादातर परीक्षाएं वार्षिक आधार पर होती थीं। तब मार्च-अप्रैल में परीक्षाएं होती थीं। उसके बाद कॉपियों का मूल्यांकन कर जुलाई तक परीक्षा परिणाम घोषि...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.