सिद्धार्थ, फरवरी 15 -- डुमरियागंज, हिन्दुस्तान संवाद। 20 वर्ष पहले यूपीए की सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम को लागू कर संविधान में निहित काम के अधिकार को साकार किया था। ग्राम पंचायत को गांव स्तर की परियोजनाओं पर निर्णय लेने का अधिकार देकर पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत किया गया था। कोविड-19 महामारी जैसे संकटों के दौरान यह ग्रामीण भारतीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखा साबित हुई। ये बातें कांग्रेस जिलाध्यक्ष काजी सुहेल अहमद ने कैंप कार्यालय पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार भारत के सबसे गरीब लोगों के लिए गरिमा सुरक्षा और जीवन यापन की गारंटी देने वाले इस कानून को कमजोर कर खत्म करने की साजिश कर रही है। कांग्रेस पार्टी प्रतिबद्ध है कि जब तक मनरेगा को पूरी तरह उसके मूल स्वरूप में बहाल नही...
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