प्रयागराज, फरवरी 11 -- प्रयागराज। आज के दौर में एलोपैथिक चिकित्सा के प्रति ज्यादा रुझान भले ही लोगों में हो लेकिन यूनानी चिकित्सा पद्धति पर भी भरोसा कायम है। यही कारण है कि हिम्मतगंज स्थित राजकीय यूनानी मेडिकल व चिकित्सालय में प्रतिदिन 500-600 मरीज उपचार के लिए आते हैं। 148 बेड वाले अस्पताल में लिवर, हृदय, चर्म, मस्तिष्क के विकार, गठिया, खांसी, अस्थमा, पोषण की कमी, नकसीर, मासिक धर्म, उच्च रक्तचाप, मधुमेह आदि बीमारियों का पुख्ता इलाज किया जाता है। मरीजों के इलाज के साथ मेडिकल कॉलेज उच्च शिक्षा और शोध की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. वसीम अहमद के अनुसार 125 वर्ष पुराने यूनानी मेडिकल कॉलेज को विश्व स्तरीय (सेंटर ऑफ अट्रैक्शन) बनाने के भी प्रयास शुरू हो गए हैं। विकसित भारत 2047 के विजन के दृष्टिगत महानिदेशक यूनानी चिकित्स...