मेरठ, फरवरी 9 -- सांसद अरुण गोविल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिख यूजीसी (संशोधन) विधेयक के संदर्भ में जनता और संगठनों की चिंताओं से अवगत कराया है। सांसद ने चार सुझाव दिए हैं। मेरिट और समानता पर जोर दिया है। सांसद ने यह पत्र राजपूत महासभा के ज्ञापन के आधार पर भेजा है। सांसद ने जोर दिया उच्च शिक्षा में नियुक्तियां और शोध कार्य पूरी तरह से निष्पक्षता और मेरिट पर आधारित होने चाहिए। सुझाव दिया कि शिक्षण संस्थानों को जातिगत राजनीति से मुक्त रखा जाए। समाज में विद्वेष फैलाने वाले तत्वों पर कड़ी कार्रवाई हो। पत्र में कहा गया है शिक्षण संस्थान के भीतर किसी भी व्यक्ति की पहचान केवल 'छात्र' के रूप में होनी चाहिए, न कि उसकी जाति के आधार पर। सांसद ने सर्वोच्च न्यायालय के हालिया स्थगन आदेश का हवाला देते हुए विधेयक पर एक बार फिर व्...