बलिया, जनवरी 24 -- बलिया/पूर, हिन्दुस्तान संवाद। यूजीसी संशोधन-2026 के विरोध में लोग मुखर होने लगे हैं। अलग-अलग माध्यमों से विरोध दर्ज कराए जा रहे हैं। शहर के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने झूठी जातीय शिकायतों पर दंडात्मक प्रावधान समाप्त किए जाने के निर्णय के खिलाफ राष्ट्रपति तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री को ई-मेल के माध्यम से ज्ञापन भेजा है। संशोधन पर पुनर्विचार की मांग की है। ज्ञापन में कहा है कि पूर्व व्यवस्था में यदि किसी छात्र या शिक्षक के विरुद्ध जातीय भेदभाव की शिकायत गलत सिद्ध होती थी, तो शिकायतकर्ता को भी दंडित करने का प्रावधान था। यूजीसी संशोधन-2026 में इस दंड प्रावधान को समाप्त कर दिया गया है। इससे शिक्षा संस्थानों में झूठी शिकायतों को बढ़ावा मिलेगा। निर्दोष छात्रों व शिक्षकों को मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ सकता है। इससे शैक्षणिक व...
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