नई दिल्ली, जनवरी 27 -- नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने विश्वविद्यालय परिसरों में जाति-आधारित भेदभाव से निपटने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा जारी नए नियमों का स्वागत किया है। संगठन ने इसे देशभर के उच्च शिक्षा संस्थानों में व्याप्त भेदभाव को संबोधित करने की दिशा में एक आवश्यक कदम बताया है। हालांकि, एनएसयूआई ने स्पष्ट किया है कि इन नियमों के तहत प्रस्तावित समिति केवल प्रतीकात्मक या प्रशासनिक औपचारिकता बनकर नहीं रहनी चाहिए। संगठन का कहना है कि समिति में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग से आने वाले छात्रों का अनिवार्य प्रतिनिधित्व होना चाहिए। इसके साथ ही इन वर्गों से जुड़े शिक्षकों को भी समिति में शामिल किया जाना जरूरी है। एनएसयूआई ने समिति की स्वतंत्रता, पारदर्शिता और विश...