लखनऊ, जनवरी 27 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता कांग्रेस के नेता व वरिष्ठ अधिवक्ता सत्येंद्र पाण्डेय ने शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने संबंधी नियम को देशविरोधी, कानून-विरोधी और समाज में असमानता फैलाने वाला करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह नियम समानता के नाम पर शिक्षा व्यवस्था को वर्गों में बांटने का कार्य करता है, जिससे देश की एकता और सामाजिक समरसता को नुकसान पहुंचेगा। सत्येन्द्र ने कहा कि यह नियम संविधान में निहित समान अवसर और न्याय की भावना के विरुद्ध है तथा शिक्षा को वैचारिक और राजनीतिक प्रयोगशाला बनाया जा रहा है। इसे सनातन मूल्यों के भी खिलाफ बताते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में शिक्षा को सदैव सबके लिए समान और समावेशी माना गया है, न कि भेदभाव का माध्यम। उन्होंने मांग की कि इस नियम को तत्काल वापस लिया जाए और छात्रों, शिक्षको...
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