नई दिल्ली, जनवरी 26 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता के संवर्धन) विनियम, 2026 को लेकर कहा कि इस नए नियम को लेकर कई गंभीर चिंताएं अब भी बनी हुई हैं। विनियम या दिशानिर्देश यह अनिवार्य नहीं करते कि केंद्र का समन्वयक या इक्विटी कमेटी का अध्यक्ष किसी हाशिए के समुदाय से हो। इसके बजाय संस्थान के प्रमुख को पदेन अध्यक्ष बनाया गया है। यह व्यवस्था वास्तविक शक्ति के बिना केवल प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व को दर्शाती है और हितों के टकराव को जन्म देती है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.