गंगापार, जनवरी 24 -- केंद्र सरकार द्वारा शिक्षण संस्थानों में लागू किया गया यूजीसी कानून सवर्ण वर्ग को किसी भी तरह से मान्य नहीं है। शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थी आपसी भेदभाव को भूलाकर शिक्षा ग्रहण करते हैं। वहीं इस कानून ने आरक्षित और अनारक्षित वर्ग में विभाजन कर नफरत का जहर घोल दिया है। ब्राह्मण-क्षत्रिय एकता मंच के संयोजक गणेश वल्लभ द्विवेदी क्रांति गुरु ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों में यूजीसी एक्ट के तहत जो कानून बनाया गया है। उसमें समान्य वर्ग के विद्यार्थियों पर ओबीसी, एससी व एसटी वर्ग के छात्र किसी भी प्रकार का यदि आरोप लगाते हैं तो इसमें कड़े दंड का प्रावधान रखा गया है। इसमे शिकायतकर्ता की शिकायत झूठी पाई जाती है तो उस पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। सरकार के इस काले कानून के विरोध में सवर्ण समाज विभिन्न संगठनों से मिलकर एक बड़ा आ...