प्रयागराज, मई 20 -- प्रयागराज, संवाददाता। कृषि वानिकी को बढ़ावा देने के लिए गम्हार के पेड़ को यूकेलिप्टस के विकल्प के तौर पर तैयार किया गया है। गम्हार को सफेद सागौन के नाम से भी जानते हैं। गम्हार को किसान खेत मेड़ पर आसानी से लगा सकते हैं। साथ ही किसान उस खेत में सब्जी की फसल भी उगा सकते हैं। इस बारे में लाजपत राय रोड स्थित पारि-पुनस्र्थापन वन अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिकों ने कृषि वानिकी के तहत गम्हार पौध का प्रकल्प के तौर पर शोध और परीक्षण किया है। वैज्ञानिकों के अनुसार यूकेलिप्टिस की पत्तियों से वाष्पोत्सर्जन की प्रक्रिया तेजी से होने से अन्य पेड़ों की अपेक्षा यह तीन गुना पानी अधिक सोखता है। इससे कृषि उपज भी प्रभावित होती है। इसलिए यूकेलिप्टिस के विकल्प के तौर पर गम्हार का पौधरोपण बेहतर आर्थिक स्रोत का माध्यम भी बन रहा है। सोरांव के कि...
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