नई दिल्ली, फरवरी 3 -- उदारता और सेवा सर्वोत्तम धर्म दुर्योधन को गंधर्व चित्रसेन के बंधन से मुक्त कराकर पांडव द्वैत वन वापस आ गए। उसी समय एक ब्राह्मण युधिष्ठिर के पास आकर बोला- 'महाराज, मैंने अरणियों के साथ अपना सामान एक वृक्ष पर टांगा हुआ था। एक मृग उसे लेकर भाग गया है। आप उसे वापस दिलाने की कृपा करें।' युधिष्ठिर ने ब्राह्मण को आश्वस्त करते हुए पहले जल पीने के लिए कहा और नकुल से जल लाने के लिए कहा।' समीप ही एक जल कुंड था। नकुल ने कुंड में जैसे ही पात्र डाला, सरोवर से आवाज आई- 'ठहरो, पहले मेरे प्रश्नों का उत्तर दो, तभी तुम जल ले सकते हो।' नकुल ने उस आवाज की अनसुनी करते हुए पानी लेना चाहा। आवाज लगाने वाले यक्ष ने तुरंत उसे अचेत कर दिया। इसी प्रकार सहदेव, अर्जुन और भीम भी क्रम से पानी भरने आए और यक्ष के प्रश्नों की ओर ध्यान न देने के कारण अच...