मुजफ्फरपुर, जनवरी 30 -- कांटी। छायावाद के प्रवर्तक जयशंकर प्रसाद की जयंती शुक्रवार को साहित्य भवन कांटी में मनाई गई। इस अवसर पर नूतन साहित्यकार परिषद के सदस्यों ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें याद किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए परिषद के अध्यक्ष चंद्रभूषण सिंह 'चंद्र' ने कहा कि जयशंकर प्रसाद केवल एक कवि नहीं, बल्कि एक युगदृष्टा थे। उनकी रचनाएं भारतीय संस्कृति और दर्शन का दर्पण हैं। जयशंकर प्रसाद ने कहा है कि अन्य देश मनुष्यों की जन्मभूमि है, लेकिन भारत मानवता की जन्मभूमि है। कार्यक्रम में स्वराजलाल ठाकुर, परशुराम सिंह, चंद्रकिशोर चौबे, पिनाकी झा, रामेश्वर महतो, रामेश्वर सिंह, नंदकिशोर ठाकुर, राकेश कुमार, महेश कुमार, रजनीश कुमार आदि थे।

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