देहरादून | ओमप्रकाश सती, नवम्बर 25 -- उत्तराखंड की वादियों से धर्मेंद्र का रिश्ता सिर्फ फिल्मों की शूटिंग तक सीमित नहीं रहा। उनके व्यवहार और सादगी ने यहां के लोगों के दिलों में अमिट छाप छोड़ी। इसका सबसे अनोखा उदाहरण 1969 में तब देखने को मिला, जब विकासनगर के ढालीपुर में फिल्म 'आदमी और इंसान' की शूटिंग के दौरान भीड़ काबू से बाहर हो गई।सबको पिलाई अपने पैसे की चाय शूटिंग देखने उमड़ी सैकड़ों की भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस असफल रही और हालात लाठीचार्ज तक पहुंचने लगे। ठीक इसी मौके पर धर्मेंद्र ने अपनी 'हीमैन' पहचान दिखाई। उन्होंने अपनी जेब से सैकड़ों दर्शकों के लिए चाय मंगवाकर सबको पिलाई, ताकि माहौल शांत हो सके। यह दृश्य आज भी स्थानीय लोगों के जेहन में ताजा है। दून के भाजपा नेता अशोक वर्मा बताते हैं कि उस समय वे बहुत छोटे थे, लेकिन उनके पड़ो...