दरभंगा, नवम्बर 22 -- दरभंगा। विशिष्ट अतिथि आईआईटी, पटना के निदेशक ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह मूल्यांकन का समय है। यह यात्रा की शुरुआत है, अंत नहीं। किसी भी विद्यार्थी के जीवन में कॉलेज का प्रथम दिन और डिग्री प्राप्त करने का दिन एक नई अनुभूति लेकर आता है। प्रो. सिंह ने कहा कि आज का दिन नई जिम्मेदारियों का बोध कराता है। हमें अपने अतीत के प्रति कोई पश्चाताप नहीं होना चाहिए। वर्तमान चुनौतियों को समझने और उसके साथ चलने का सामर्थ्य होना चाहिए और आने वाले भविष्य के प्रति सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मै दो-दो एमओयू का साक्षी रहा हूं। पूर्व में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ का कुलपति रहते हुए लनामिवि के साथ एमओयू हुआ था और वर्तमान में आईआईटी, पटना के निदेशक के रूप में एमओयू की...