कटिहार, अक्टूबर 19 -- कटिहार, निज प्रतिनिधि पुरानी काली मंदिर तीनगछया का इतिहास पुराना है l करीब 200 वर्षों से यहां काली पूजा होती आ रही है l मन्दिर के उपासक बबलू झा उर्फ महाकाल बाबा ने बताया कि पिंडी रूप में इस मन्दिर में मां काली की पूजा होती है l तांत्रिक विधि से पूजा होने के कारण इस मन्दिर की ख्याति है l काली पूजा की रात तंत्र साधना के लिए साधक इस मन्दिर में पहुंचकर साधना करते हैं l कहा जाता है कि इस मन्दिर में मांगी गई मन्नत पूरी होती है l राजनीति के क्षेत्र में सक्रिय कई नेताओं और जनप्रतिनिधियों की भी इस मन्दिर से गहरी आस्था जुड़ी हुई है l यहां पूजा अर्चना कब शुरू हुई इस समबन्ध में आस पास के लोगों को भी सटीक जानकारी नहीं है लेकिन कहा जाता है कि करीब 200 वर्षों से इस मन्दिर में तांत्रिक विधि से मां काली की पूजा अर्चना होती आ रहीं है ...
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