नई दिल्ली, सितम्बर 17 -- भगवान विश्वकर्मा की पूजा की जाती है। इस दिन लोग अपने ऑफिस और दुकान, कारखाने आदि में पूजा करते हैं। इन्हे देवताओं के शिल्पी, वास्तुकार कहा जाता है। ऐसा कहा जाता है कि यमपुरी, आदि का निर्माण इन्होंने ही किया है। भगवान विश्वकर्मा की मूर्ति स्थापित की जाती है, उन्हें भोग लगाकर फल-फूल अर्पित किए जाते हैं। इसके साथ ही उनकी आरती उतारी जाती है। ऐसा कहा जाता है कि विश्वकर्मा जी की पूजा से बिजनेस और व्यापार दिन-दूनी रात चौगनी उन्नति होती है। यहां पढ़ें भगवान विश्वकर्मा जी आरती। भगवान विश्वकर्मा की आरती ओम जय श्री विश्वकर्मा, प्रभु जय श्री विश्वकर्मा । सकल सृष्टि के कर्ता, रक्षक स्तुति धर्मा ।। 1 ।। ओम जय श्री विश्वकर्मा, प्रभु जय श्री विश्वकर्मा । आदि सृष्टि में विधि को, श्रुति उपदेश दिया। जीव मात्र का जग में, ज्ञान विकास क...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.