हाजीपुर, अक्टूबर 20 -- हाजीपुर। संवाद सूत्र दीपावली का उत्साह चरम पर है। हनुमान जयंती के साथ रविवार को रंग-बिरंगी रौशनी के बीच छोटी दिवाली का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। इसे नरक चतुर्दशी के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्री कृष्ण पापों के प्रतीक नरकासुर का नाश किया था। लोंगो ने मुख्य तौर पर 4 मुखी दीपक जलाने की परंपरा का निर्वाह करते हुए यमराज की पूजा आराधना कर मंगल कामना की। साथ ही शाम में सोने से पहले यम का दीपक घर से बाहर निकाला। मान्यता है कि इस दिन यम की पूजा करने से अकाल मृत्यु से बच सकता है। यह मृत्यु के बाद नरक में जाने से बचने का उपाय भी है। आचार्य डॉ राजीव नयन झा ने बताया कि इस दिन सुबह स्नान करने के बाद भगवान कृष्ण की पूजा करने से रूप सौंदर्य की प्राप्ति होती है। एक अन्य मान्यता के अनुसार राम भक्त हनुमान...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.