नई दिल्ली, फरवरी 1 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। यमुना नदी में देसी मछलियों की घटती आबादी पर गंभीर चिंता जताते हुए राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली सरकार सहित संबंधित राज्यों को केन्द्रीय अंतर्देशीय मत्स्य अनुसंधान केन्द्र (सीआईएफआरआई) की सिफारिशों को तेजी से लागू करने का निर्देश दिया है। अधिकरण ने स्पष्ट कहा कि देसी प्रजातियों का संरक्षण जैव विविधता के लिए जरूरी है। एनजीटी ने दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी), स्वच्छ गंगा के लिए राष्ट्रीय मिशन (एनएमसीजी) और केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) को यमुना किनारे स्थित शहरी स्थानीय निकायों में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने और उन्हें प्रभावी रूप से संचालित करने में तेजी लाने को कहा है। आदेश में यह भी निर्देश दिया गया कि नदी में छोड़ा जाने वाला शोधित पानी जलीय जीवों के लिए तय मानकों के ...