बागपत, अगस्त 20 -- बागपत। पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों में मूसलाधार बारिश के चलते यमुना नदी उफान पर है। यमुना का पानी सैकड़ों किसानों की हजारों बीघा फसल को तबाह कर चुका है। इतना ही नहीं खेतों का कटान भी शुरू हो चुका है। मंगलवार सुबह यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से दो मीटर ऊपर पहुंच गया, जिससे दर्जनभर गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। यमुना किनारे स्थित दर्जनों गांवों में हालात बद से बदतर होने को हैं। छपरौली, टांडा, कुरडी, शबगा, बदरखा, जागोस, कोताना, नैथला, निनाना, निवाड़ा, बागपत, पाली, काठा, मवीकलां, सुभानपुर, नूरपुर और सांकरौद आदि गांवों का यमुना खादर यमुना के पानी से लबालब हो गया है। पाली और नैथला गांव की सीमा को भी यमुना के पानी ने छू लिया है जिससे बाढ़ के खतरे के साथ ही किसानो...
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