कौशाम्बी, अगस्त 4 -- यमुना ने राहत के संकेत दिए हैं। सोमवार को जलस्तर घटने लगा। लेकिन अधिकारियों की चिंता अभी बरकरार है। वजह साफ है लगातार हो रही बारिश से कभी भी दूसरे प्रांतों के बैराजों से पानी छोड़ा जा सकता है, जो बड़ा खतरा बन सकता है। बाढ़ के पानी की वजह से सोमवार को भी प्रभावित गांवों में नाव चलती रहीं। यमुना में आई बाढ़ से हजारों बीघा फसल नष्ट हो चुकी है। भवनसुरी, बड़हरी, चकपिनहा समेत छह गांवों का संपर्क कटा हुआ है। गुरुवार की रात से अचानक यमुना ने रौद्र रूप धारण किया था। शुक्रवार की रात से यमुना के डूब क्षेत्र के 48 गांवों में खतरे के बादल मंडराने लगे थे। शासन स्तर से अलर्ट जारी होते ही जिला प्रशासन सक्रिय हुआ। डीएम मधुसूदन हुल्गी, एसडीएम मंझनपुर एसपी वर्मा, चायल एसडीएम आकाश सिंह के अलावा अन्य अफसरों ने प्रभावित गांवों का भ्रमण करना शुर...
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