बागपत, सितम्बर 7 -- यमुना नदी के जलस्तर में भारी गिरावट आने लगी है, लेकिन कटान और फसलों की बर्बादी का दौर लगातार जारी है। जिससे किसानों की नींद उड़ी हुई है। किसानों का कहना है कि उनकी करोड़ों रुपये की बेशकीमती जमीन यमुना में आए उफान के चलते कटान के साथ बह चुकी है। पहाड़ी व मैदानी क्षेत्र में हुई मूसलाधार वर्षा की वजह से यमुना नदी में आई बाढ़ की चपेट में आने से जिलेभर के 20 से अधिक गांवों की हजारों बीघा धान, ज्वार, बाजरा व सब्जी आदि की फसल बर्बाद हो चुकी हैं। हालांकि शनिवार को यमुना नदी के स्तर में भारी गिरावट दर्ज हुई। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता अनिल कुमार निमेश ने बताया कि पिछले 24 घंटों के भीतर यमुना का जलस्तर डेढ़ मीटर गिरा है। जिससे अब बाढ़ का खतरा तो टल ही गया है, साथ में किसानों की फसलों में भरा पानी भी कम होने लगा है। हालांकि यमुन...
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