बागपत, अगस्त 31 -- यमुना का उफान हर रोज किसानों के लिये बर्बादी का सबब बनता जा रहा है। छपरौली थाना क्षेत्र के यमुना किनारे स्थित शबगा गांव में एक दो बीघा नहीं बल्कि 6000 बीघा जमीन फसल समेत यमुना की तेज धार में समा गई है। आजतक का सबसे बड़ा नुकसान शबगा गांव में हुआ है जिससे किसान बर्बाद हो गए हैं। वैसे तो 2013 में यमुना नदी में इससे कहीं अधिक मात्रा में पानी हथनीकुंड बैराज से छोड़ा गया था, लेकिन यमुना के प्रचंड वेग ने जितना अधिक नुकसान इस बार पहुंचाया है, उतना आजतक कभी नहीं हुआ। बाप-दादाओं से विरासत में मिली बेशकीमती उपजाऊ जमीन किसानों की आंखों के सामने यमुना की धार में बह चुकी हैं। बहुत से किसान अब ऐसे हैं जिनके पास अब से कुछ दिन पहले तक 50 से 100 बीघा तक जमीन थी जिसपर फसल लहलहाती रहती थी, लेकिन इन किसानों के पास आज एक इंच भी जमीन नहीं बची ह...
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