बागपत, जुलाई 30 -- यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से बेशक नीचे हैं, लेकिन इसका असर अभी तक कम नहीं हुआ है। किसानों की खून पसीने से उगाई गई फसल जमीन सहित यमुना की धार में बह चुकी है। वहीं अब सिंचाई विभाग शेष भूमि और फसल को बचाने के लिए जद्दोजहद कर रहा है। यमुना के जलस्तर ने उन किसानों पर भी असर डाला है जो यमुना के किनारे खेती करके अपना गुज़र बसर करते हैं। यमुना में पानी बढ़ने के चलते जमीन कट रही है जिसकी वजह से किसानों के खेत पानी के कटाव के साथ बह गए हैं। ज़मीन का कटना अभी भी जारी है। यहां खेती करने वाले किसान ज़मीन किराए पर लेकर खेती करते हैं। खेत और फसल बह जाना इन लोगों पर दोहरी मार जैसा है। अब हालात ये हैं कि लोग बची हुई खेती में कच्ची सब्ज़ियां ही तोड़ ले रहे हैं ताकि बाकी फसल भी न बह जाए। जागोस निवासी यमुना किनारे खेती करने वाले सुधीर शर्मा,...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.