कानपुर, जुलाई 19 -- कानपुर देहात,संवाददाता। यमुना के जलस्तर में गिरावट होने के बाद प्रभावित गांवों में राहत दिखने लगी है। बाढ़ के कारण डूबे कई गांवों के रास्ते खुलने से लोगों का आवागमन सामान्य होने लगा है। आढन व पथार के रास्ते में भरा पानी घटने से नाव का सचालन तो रुक गया।लेकिन इस मार्ग की पुलिया में अभी तक भरे पानी से लोग निकलने को मजबूर हैं। बाढ़ का खतरा टलने के बाद अब बीमारियों का खतरा बन रहा है। एमपी मेंन्हो रही बारिश व कोटा बैराज से पानी छोड़े जाने से जिले में पांच दिन पहले यमुना के उफना गई थी, इसका पानी सेंगुर नदी में वापस जाने से यमुना सेंगुर के संगम स्थल वाले चपरघटा के अलावा आढ़न,पथार,मुसरिया, पड़ाव, कुंभापुर, नगीना,नयापुरवा, भुंडा व चपरघटा आदि गांवों में बाढ़ का खतरा गहरा गया था, जबकि आढ़न पाठर के रास्ते की पुलिया के ऊपर पांच फुट तक पानी...
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