प्रयागराज, जून 9 -- यमुनापार की लपरी नदी 38 गांवों के लिए जीवनरेखा बनेगी। नदी को पुराना स्वरूप वापस लाने के लिए जीर्णोद्धार का काम जारी रहेगा। मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह ने नदी के जीर्णोद्धार का निर्देश दिया है। मुख्य विकास अधिकारी ने कोरांव से निकलकर टोंस में मिलने वाली लपरी नदी किनारे अतिक्रमण हटाने और पौधरोपण करने का निर्देश दिया है। तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी गौरव कुमार ने दो साल पहले 17.5 किमी लंबी नदी के जीर्णोद्धार का निर्देश दिया था तब नदी से मनरेगा के तहत सिल्ट निकाली गई। मुख्य विकास अधिकारी का कहना है कि नदी किनारे अतिक्रमण हटने और पौधरोपण के बाद यह आसपास के गांवों के लिए जीवनरेखा बन जाएगी। भविष्य में नदी में मछली पालन करने और इसका पानी सिंचाई के लिए उपलब्ध कराने की योजना है। नदी में 12 महीने पानी संरक्षण की भी योजना बना...
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