पाकुड़, फरवरी 19 -- ''महारुद्र यज्ञ में उच्चारित होने वाले वैदिक मंत्रोच्चार के श्रवण करने मात्र से मनुष्य की आत्मा में आत्मशुद्धि व मन में सुविचार की भावना जगह बनाती है। लोग निज स्वार्थ का त्याग कर परहित की भावना से ओतप्रोत हो जाते हैं। ऐसा होने से ही मनुष्य में भगवान के प्रति आस्था व विश्वास बढ़ जाता है। जो उसे मानव कल्याण के कार्यों के प्रति प्रेरित करता है। और यही उसके सद्गति की राह तय करता है।'' उक्त बातें प्रखंड मुख्यालय के हाटपाड़ा स्थित श्री श्री 1008 बूढ़ा बाबा महेश्वरनाथ शिव मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर आयोजित नौ दिवसीय महारुद्र यज्ञ के आठवें दिन गुरुवार को यज्ञ में शामिल अंतर्राष्ट्रीय ब्राह्मण महासंस्था प्रदेश प्रभारी सह यज्ञाचार्य पंडित दुलाल पांडेय ने कही। सुबह से ही यज्ञ मंडप की परिक्रमा को लेकर श्रद्धालुओं की भीड़...