गोपालगंज, जून 4 -- भोरे के सिसई उत्तर टोला में चल रहे नौ दिवसीय रुद्र महायज्ञ एवं श्रीरामचरितमानस कथा में उमड़ रहे श्रद्धालु कथावाचक पुंडरीकजी महाराज ने व्यासपीठ से किया ताड़का रूपी अविद्या का अंत व यज्ञ की महिमा का वर्णन भोरे, एक संवाददाता। प्रखंड के सिसई उत्तर टोला में नव निर्मित हनुमान मंदिर परिसर में नौ दिवसीय रुद्र महायज्ञ एवं श्रीरामचरितमानस कथा का आयोजन हो रहा है। इसके चौथे दिन मंगलवार को भगवान श्रीराम की बाल लीलाओं व विश्वामित्र यज्ञ की रक्षा के प्रसंग को विस्तार से प्रस्तुत किया गया। कथावाचक पुंडरीक जी महाराज ने बताया कि भगवान श्रीराम ने महर्षि विश्वामित्र के यज्ञ की रक्षा कर धर्म की पुनर्स्थापना की। यज्ञ केवल एक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा है। यह श्रेष्ठ कर्म, अनुशासन, सहयोग और आत्मसमर्पण की जीवंत प्रेरणा है। उ...
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