नई दिल्ली, अप्रैल 28 -- बाजार नियामक सेबी ने म्यूचुअल फंड की चुनिंदा योजनाओं के लिए नया नियम बनाया है, जो एक जून 2025 से लागू होने जा रहा है। इसके तहत ओवरनाइट फंड की यूनिट खरीदने या बेचने पर उसकी नेट एसेट वैल्यू (एनएवी) तय करने का समय बदल जाएगा। इसका मकसद निवेशकों के जोखिम को कम करना है। पहले म्युचुअल फंड हाउस सभी योजनाओं के लिए एक समान समयसीमा के आधार पर एनएवी आवंटित करते थे। अब सेबी ने ओवरनाइट योजनाओं की यूनिट को खरीदने-बेचने के लिए अलग-अलग समय सीमा लागू कर दी है। ओवरनाइट फंड ऐसी योजनाएं होती हैं, जो जो मुख्य रूप से सरकारी प्रतिभूति में में निवेश करती हैं। इसकी परिपक्वता अवधि अवधि सिर्फ एक दिन की होती है। ये फंड बेहद कम जोखिम और उच्च लिक्विडिटी के साथ आते हैं। भारत में अभी 34 ऐसी योजनाएं हैं, जिनमें कुल 62,458 करोड़ रुपये का निवेश हुआ ह...
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