नई दिल्ली, फरवरी 27 -- नई दिल्ली, हिन्दुस्तान ब्यूरो। शनिवार, एक मार्च 2025 से कई बदलाव देखने को मिलने वाले हैं। सबसे पहला बदलाव नॉमिनी की प्रणाली से जुड़ा है। नए नियमों के मुताबिक म्यूचुअल फंड और डीमैट खातों के लिए निवेशकों को अब नॉमिनी घोषित करना अनिवार्य होगा। निवेशक को खुद ही अपना नॉमिनी चुनना होगा और यह अधिकार पावर ऑफ अटॉर्नी धारकों के पास नहीं होगा। अब निवेशक म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो और डीमैट खाते में अधिकतम 10 नॉमिनी चुन पाएंगे। अभी एक या दो नॉमिनी के नाम देने की सुविधा है। इन सभी को संयुक्त खाताधारक के रूप में देखा जा सकता है या फिर अलग-अलग एकल खाते या फोलियो के लिए भी अलग-अलग नॉमिनी चुना जा सकता है। इससे निवेशक को ज्यादा विकल्प तो मिलेंगे ही, साथ ही साथ पारदर्शिता भी बढ़ेगी। 10 जनवरी को सेबी ने इस बाबत सर्कुलर जारी कर दिया था और ...
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