सीवान, फरवरी 9 -- रघुनाथपुर, एक संवाददाता। जिले में इस बार 1 लाख 11 हजार हेक्टेयर क्षेत्र से अधिक में गेहूं फसल की बुआई हुई है। जनवरी से फरवरी और मार्च महीने तक एक बार बारिश हो ही जाती है। लेकिन, इस साल बारिश नहीं होने से किसानों को गेहूं की पहली सिंचाई के बाद दूसरी सिंचाई भी करनी पड़ी है। अब जब मौसम शुष्क हो गई है और तापमान बढ़ने लगा है तो काफी पछात बोई गई गेहूं फसल की सिंचाई भी समय से पूर्व नितांत आवश्यक हो गयी है। गेहूं की दूसरी सिंचाई में तेजी आ गु है। चुकी अब गेहूं में बन गया है। हालांकि, फसल से बालियों का निकलना बाकी है। हालांकि, काफी देर से बोई गई गेहूं फसल को एक और सिंचाई करने की जरूरत पड़ सकती है। चुकी, जनवरी और फरवरी के इस महीने में एक बार भी बारिश नहीं हुई है। फरवरी में गेहूं के खेत में नमी की जरूरत होती है। इधर, जनवरी में शीतलहर ...
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