सीतामढ़ी, फरवरी 10 -- शिवहर। मौसम में अचानक आए इस बदलाव से रबी फसलों, खासकर सरसों की खेती को नुकसान पहुंचने की संभावना बढ़ गई है। आसमान में बादल छाए रहने तथा पछुआ हबा चलने से सरसो, तोड़ा आदि तेलहन फसलों के गिरने तथा लाही कीट का प्रकोप बढ़ने से फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इस समय सरसों की फसल फूल व दाना बनने की अवस्था में है। ऐसे में तीन चार दिनों से आसमान में बादल छाए रहने से लाही कीट गिरने की संभावना बढ़ गई है। साथ ही पछुआ हवा चलने से सरसो का फूल झड़ने, पौधों के झुकने और दानों के कमजोर होने का खतरा बढ़ गया है। किसानों ने बताया कि पछुआ हवा के कारण कई इलाकों में हल्की मिट्टी वाले खेतों में पौधे झुकने लगे हैं। यदि यही स्थिति बनी रही तो पैदावार में गिरावट की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। तेज हवा चलने पर फूल झड़ने तथा पुरवा हवा क...
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