अलीगढ़, जनवरी 22 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। मौसम में हो रहे तेज बदलाव का असर अब सिर्फ शरीर पर ही नहीं, लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी साफ दिखने लगा है। दिन और रात के तापमान में लगातार हो रही बढ़ोतरी से बड़ी संख्या में लोग सीजनल इफेक्टिव डिसऑर्डर की चपेट में आ रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार मौसम में गरमाहट बढ़ने से शरीर के अंदर सेरोटोनिन और मेलाटोनिन जैसे केमिकल्स का संतुलन बिगड़ता है, जो सीधे तौर पर मूड को नियंत्रित करते हैं। इस असंतुलन का असर लोगों के व्यवहार और दिनचर्या पर पड़ रहा है। उदासी महसूस होना, बिना कारण चिड़चिड़ापन, ऊर्जा की कमी, ज्यादा नींद आना और काम में अरुचि जैसे लक्षण आम हो गए हैं। कई लोग खुद को दिनभर थका हुआ महसूस कर रहे हैं, जबकि पर्याप्त आराम के बाद भी ताजगी नहीं मिल पा रही। मनोचिकित्सक डॉ. अंतरा माथुर बताती हैं कि मान...