नई दिल्ली, अगस्त 8 -- देश में सबसे ज्यादा उड़ान सेवाओं (फ्लाइट) को मौसम संबंधी कारणों के चलते रद्द करना पड़ता है। आकड़ों से पता चलता है कि सबसे ज्यादा उड़ानें मौसम संबंधी दिक्कतों के चलते रद्द होती हैं। उसके बाद तकनीकी कारणों का नंबर आता है। मौजूदा वर्ष में ही जून तक 11 सौ से अधिक उड़ानों को सिर्फ तकनीकी कारणों के चलते रद्द किया गया है। हाल ही राज्यसभा में एक प्रश्न के जबाव में नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने उड़ान सेवा रद्द होने की स्थिति को लेकर जानकारी साझा की। मुंबई विमान हादसे के बाद से उड़ान सेवा की कड़ी निगरानी रखी जा रही है। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) की निगरानी में नियमित ऑडिट भी किया जा रहा है। राज्यसभा में मंत्रालय की तरफ से जानकारी दी गई कि नियमों को तोड़ने वाली विमानन कंपनियों, पायलट व अन्य स्टाफ पर कार्रवाई की जाती है। चेता...
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