सुपौल, मई 21 -- प्रतापगंज, निज प्रतिनिधि। एक समय था जब बिहार के किसानों के लिए मुख्य फसल धान की खेती मानी जाती थी। लेकिन जैसे-जैसे मौसम का मिजाज जलवायु परिवर्तन के साथ बदलता गया किसान भी अपने खेतों में फसल लगाने में परिवर्तन करते जा रहे हैं। इस संदर्भ में समृद्ध किसान सियाराम यादव, सदानन्द गोईत, रणजीत सिंह आदि बताते हैं कि पहले खरीफ मौसम में राज्य में अधिकांश खेतों में किसान धान की फसल लगाते थे। लेकिन विगत के वर्षों में बारिश कम होने पर या आवश्यकतानुसार समय पर वर्षा नहीं होने पर धान की रोपाई समय से नहीं हो पाती है। साथ ही कृषि मजदूरों के पलायन होने से भी किसानों को धान रोपाई के समय काफी समस्या का सामना करना पड़ता है। बताया कि धान रोपाई के बाद भी निकौनी, कटनी और उसे तैयार करने में मजदूरों की जरूरत पड़ती है। यही कारण है कि किसान धान की खेती क...
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