बेगुसराय, जनवरी 4 -- खोदावंदपुर, निज प्रतिनिधि। मौसम की मार से फसलों को बचाने के लिए उचित देखभाल करें। शीतलहर से बढे ठंड की मार का असर गेहूं, आलू, मसूर सहित अन्य दलहन फसलों पर पड़ने से उपज प्रभावित होने की संभावना है। कृषि विज्ञान केन्द्र खोदावंदपुर के वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान डॉ. रामपाल ने बताया कि इस मौसम में फसलों पर पाला से नुकसान होने की संभावना है। आलू तथा दलहन की फसल के पछेती झुलसा रोग की चपेट में आने की संभावना है। अत्यधिक ठंड के कारण गेहूं की उपज पर कुप्रभाव पड़ेगा। उन्होंने बताया कि गेहूं को पाला के प्रकोप से बचाव के लिए पटवन आवश्यक है। वहीं, पिछात बोई गई गेहूं की फसल में खरपतवार नियंत्रण के कार्य को प्राथमिकता दें। गेहूं की फसल में जिंक की कमी के लक्षण से पौधों का रंग हल्का पीला दिखाई दे तो ढाई किलोग्राम जिंक सल्फेट 1.25 किलोग्रा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.