नई दिल्ली, अक्टूबर 15 -- सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक अहम फैसले में कहा है कि व्हाट्सएप तक सभी नागरिकों की पहुंच मौलिक अधिकार नहीं है। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने उस महिला डॉक्टर की याचिका खारिज कर दी, जिन्होंने दावा किया था कि व्हाट्सएप तक उनकी पहुँच उनका मौलिक अधिकार है और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म उनका अकाउंट ब्लॉक नहीं कर सकता। उनकी इस याचिका पर फैसला सुनाते हुए अदालत ने कहा कि एक निजी मैसेजिंग सेवा का दुरुपयोग संवैधानिक रूप से संरक्षित अधिकारों के दायरे में नहीं आता है। इस मैसेजिंग प्लेटफॉर्म ने सेवा का दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए याचिकाकर्ता का व्हाट्सएप अकाउंट ब्लॉक कर दिया था, जिसे फिर से बहाल कराने के लिए उन्होंने शीर्ष न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। याचिकाकर्ता डॉ. रमन कुंद्रा ने अपनी याचिका में तर्क दिया कि यह प्लेटफॉर्म उनके पेशेवर ...
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